गुरुवार, 20 अक्तूबर 2011

किरन बेदी पर विमान किरायों में गड़बड़ी का आरोप


अब तक करप्शन के आरोपों से दूर रहीं टीम अन्ना की सदस्य किरन बेदी भी अब विवादों के घेरे में आती दिख रही हैं। उन पर आरोप लगा है कि जब कोई संस्था उन्हें आमंत्रित करती है, तो वह जातीं तो इकनॉमी क्लास में हैं, पर उस संस्था से किराया बिजनस क्लास के टिकट का लेती हैं। यही नहीं वीरता पुरस्कार विजेता होने के कारण उन्हें एयर इंडिया के किराए में छूट भी मिलती है, लेकिन वह एनजीओ और उन्हें बुलाने वाले आयोजकों से टिकट का पूरा दाम लेती हैं।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में गुरुवार को छपी एक खबर में यह खुलासा किया गया है। हालांकि किरन बेदी ने इस मामले में किसी तरह के घपले की बात को गलत बताया है।

अखबार के मुताबिक बेदी के पुराने बिल और चेक्स की कॉपी देखने के बाद साफ पता चलता है कि उन्होंने आयोजकों से किराया बढ़ा कर चार्ज किया। इन किरायों के रिइंबर्समेंच चेक्स किरन बेदी के एनजीओ इंडिया विजन फाउंडेशन के खाते में जमा हुए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बेदी को वीरता पुरस्कार विजेता होने के कारण एयर इंडिया के किराए में छूट मिलती है, पर वह संस्थाओं से पूरे टिकट का किराया लेती हैं। इसी तरह वह कभी-कभी इकनॉमी क्लास में जाती हैं और संस्थाओं से बिजनस क्लास का किराया वसूलती हैं।

घपले की बात गलतः किरन बेदी
किरन बेदी ने इन आरोपों को गलत करार दिया है। उनका कहना है कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार बिजनस क्लास की जगह इकनॉमी क्लास में गई हैं. लेकिन ऐसा किसी गलत मकसद से नहीं बल्कि एनजीओ के मकसद को आगे बढ़ाने के लिए किया है। उन्होंने कहा इसमें कुछ छिपाया भी नहीं गया है।

उन्होंने कहा 'जब भी मैंने ऐसा किया आयोजकों को भी बता दिया है। साथ ही इससे जो पैसा बचा है वह मेरे खाते में कभी नहीं आया, संस्था के पास ही रहता है।' उन्होंने कहा कि जब आप करप्शन के खिलाफ किसी मुहिम में शामिल होते हैं तो यों भी सतर्क रहना पड़ता है। मैं भी इन मामलों में सतर्क रहती हूं। मैंने एक पैसा भी बेजा खर्च नहीं किया है।

उन्होंने मीडियाकर्मियों पर व्यंग्य के लहजे में किया, 'आप बाल की खाल निकालने की कोशिश कर रहे हैं और आपको खाल भी नहीं मिल रही है तो इसमें मेरी क्या गलती है?'

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