शनिवार, 28 अप्रैल 2012

अगले प्रधानमंत्री बनेंगे लालकृष्ण आडवाणी

ज्योतिषीय आकलन के अनुसार 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में एनडीए की ओर से लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। अन्य विपक्षी दलों की इसमें मुख्य भूममका रहेगी। लोकसभा चुनाव में यूपीए गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। कालचक्र विश्लेषण करता है, मानव के पौरुषेय का, उसके जीवन में उत्थान-पतन का, उसकी मिथ्या धारणाओं का। मनुष्य वस्तुत: ब्रह्माण्ड का सबसे प्रबलतम पराक्रमी और उग्रवादी ऐसा अध्येता है, जो इतिहास के पृष्ठों को बदल देता है। भौगोलिक सीमाएं तोड़ता है। प्रश्न अनंत हैं। प्रश्नों के घेरे अभिमन्यु का चक्रव्यूह है, और कोई नहीं दे सका प्रश्नों के उत्तर! किन्तु हे जातक, मैं प्रयत्न कर सकता हूं, आपके प्रश्नों के उत्तर देने का। ज्योतिष, वेदों में पांचवां वेद है। वह कहता है - कालखण्ड का कोई टुकड़ा मुझे तोड़ नहीं सकता, क्योंकि मैं कालजयी हूं। यदि आप जिज्ञासु हैं, अपने आसपास के भविष्य के कालखण्ड को जानने हेतु- तो आइएगा- साक्षात्कार की इस वीथिका में जहां आप और हम होंगे-और होंगे लालकृष्ण आडवाणी की जन्म कुंडली की ग्रहीय विवेचना, जिसमें उनके आने वाले कालखण्ड में देश का भावी प्रधानमंत्री बनने के योगों को तलाशेंगे और राज योग किस कालखण्ड में घटित होगा यह भी जानेंगे। आवश्यकता मात्र इतनी है कि जीवन के रहस्यों को समझने के लिए पारदृष्टि चाहिए।
- श्री लालकृष्ण आडवाणी (पूर्व गृहमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री) जन्म - 8/11/1927 मंगलवार समय- प्रात: 9:16 सुबह जन्म स्थान : करांची (सिन्ध) पाकिस्तान कुंडली अन्तर महायोग (राशि परिवर्तन योग) बुध तुला में, शुक्र कन्या राशि में स्वक्षेत्री ग्रह : गुरु,नवांश कुण्डली में : सूर्य चंद्र, गुरु उच्च राशि में, बुध - स्वक्षेत्री वर्गोत्तम ग्रह : शनि मूलांक 8 श्री लालकृष्ण आडवाणी की जन्म तारीख 8 है। अत: मूलांक 8 हुआ। अंक शास्त्र के अनुसार जिसका मूलांक 8 होता है, ऐसे व्यक्तियों के प्रति प्राय: लोगों की गलत धारणाएं होती हैं। जबकि इस मूलांक वाले जातक बहुत दृढ़ स्वभाव के होते हैं। इनमें अपने व्यक्तित्व की शक्ति होती है। जीवन के रंगमंच पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं, जिसे प्राय: भाग्य से संबंधित माना जाता है। यदि इनका झुकाव धर्म की ओर हो तो ये चरम सीमा तक उत्साहित होते हैं। ऐसे जातक अपनी रुचियां प्रकट नहीं करते। यद्यपि दुखी लोगों के प्रति उनके दिल में बहुत सहानुभूति होती है, लेकिन वे अपनी भावनाओं को प्रकट नहीं करते। ऐसे जातक अपने कर्म क्षेत्र में अत्यंत सफल होते हैं। यदि उनके मन में कोई आकांक्षा जाग्रत हो जाए तो बड़े संघर्षों के बाद अपने लक्ष्य की पूर्ति में वे सफल होते हैं। श्री लालकृष्ण आडवाणी ने श्री अटल बिहारी बाजपेयी के साथ नेहरू युगीन लोकसभा में जनसंघ के 2 सांसदों के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। लम्बी प्रतीक्षा के बाद जब जनसंघ भारतीय जनता पार्टी के रूप मेंं अवतरित हुआ- उसमें भी दशकों के अन्तराल के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि श्री लालकृष्ण आडवाणी के मन में भी प्रधानमंत्री बनने की चाहत प्रबल वेग से हिलोरे मार रही है। मूलांक 8 विश्वास का अंक कहा गया है, जिसका स्वामी शनि है। इस मूलांक वाले जातक का स्वभाव सहयोगी तथा मित्रों के जीवन में ढाल बन कर, एक विशाल वट-वृक्ष की भांति अपनों को अर्थात् भारतीय जनता पार्टी तथा मित्र दलों को शीतल छाया देते आ रहे हैं। श्री आडवाणी का सबल-सजग व्यक्तित्व है कि इतने उतार चढ़ाव के बाद भी वे टूटे नहीं, जबकि दो शरीर एक आत्मा कहे जाने वाले विराट व्यक्तित्व के धनी श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी अस्वस्थ हैं। संयुक्तांक द्वारा भाग्य का विश्लेषण अंकों का यह विवेचन विश्वविख्यात भविष्यवक्ता कीरो की विशिष्ट प्रणाली के आधार पर संयुक्तांकों पर रहस्यमयी दृष्टि डाल रहा हूं, श्री आडवाणी जी के व्यक्तित्व पर- L A L K R I S H A N A A D W A N I 3+1+3 2+2+1+3+5+1+5+1 1+4+6+1+5+1 = 45 संयुक्तांंक 45 यह अच्छा अंक है और इसका प्रतीक राज-दण्ड याने सत्ता के अधिकार को दर्शाने वाला है। यह अधिकार शक्ति और आज्ञा का संकेत होता है। यह अंक प्रकट करता है कि क्रियात्मक बुद्धि से फल की प्राप्ति होती है। यह अंक भावी योजनाओं के संबंध में भी सौभाग्यशाली है। आडवाणी पर आचार्य चाणक्य का कथन सटीक बैठता है- दण्ड का प्रयोग भले ही न करो, पर हाथ में लिए रहो, लोगों में भय बना रहेगा। वस्तुत: कोई भी पार्टी में कोई भी अध्यक्ष हो, कोई भी नेता प्रतिपक्ष हो- राज्य सभा या लोकसभा में आडवाणी का व्यक्तित्व इन सबसे ऊपर है। जैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में श्रीमती सोनिया गांधी एकमेव नेता है, उसी तरह आडवाणी है। किन्तु फर्क है- दोनों की चाह में। श्रीमती सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकी- राजनैतिक परिस्थितियां अनुकूल होते हुए भी। किन्तु 2014 के आम चुनाव में अथवा लोकसभा की मध्यावधि चुनावी परिस्थिति में श्री आडवाणी के प्रधानमंत्री बनने के ज्योतिषी आसार नजर आ रहे हैं। क्या श्री आडवाणी प्रधानमंत्री बन रहे हैं ? राजनैतिक परिदृश्य में क्या श्री लालकृष्ण आडवाणी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे? यह एक अद्भुत प्रश्न है ? ज्योतिष के लिए चुनौती है। आइए- श्री आडवाणी जी की कुण्डली के सितारे क्या कह रहे हैं। राजसिंहासन की ओर बढ़ते कदमों की आहट क्या है ? आपको सुनाई दे रही है क्या ? ज्योतिष का नियम है कि जातक की कुण्डली में योग कौन-कौन से है और यदि हैं, तो किस ग्रह की महादशा - अन्तर्दशा अथवा प्रत्यन्तर दशा में घटित होंगे। सर्वप्रथम कुण्डली में बन रहे योगों पर एक रहस्यमय दृष्टि डाल लें। (1) अनफा योग (2) उभयचर योग (3) नीच भंग राज योग (4) भारती योग (5) केन्द्र त्रिकोण राज योग (6) राज योग (7) हर्ष योग (8) सरल योग (9) धन योग (10) कर्म जीव योग (11) बन्धु पूज्य योग (12) बुद्धि मातुर्य योग (13) त्रिकाल लग्न योग (14) जप ध्यान समाधि योग (15) भाग्य योग (16) महापरिवर्तन योग (17) पुर्णायु योग (18) राज संबंध योग (19) सूर्य बुध योग (20) मंगल बुध योग मूलांक 8 स्वामी शनि है। शनि में बुध की अन्तर्दशा 20-9-2011 से 30-5-2014 तक चलेगी। मध्यावधि चुनाव की सम्भावना हो अथवा अप्रैल-मई 2014 में आम (लोकसभा) चुनाव की बात हो - जातक की कुण्डली में शनि वर्गोत्तम है। 17 मई 2012 से 1-8-2012 के मध्य शनि वक्री होकर तुला राशि से कन्या राशि में भ्रमण करेगा। जो केन्द्रीय सत्ता पक्ष के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है? राष्ट्रपति चुनाव की समय सारिणी भी 25 जुलाई 2012 के पूर्व राष्ट्रपति का चुनाव हो जाना सुनिश्चित है, जो कुछ भी घटेगा, राजनैतिक आकाश में वहीं कमोबेश सत्ताधीशों के माथे पर बल तो डालेगा ही। यदि लोक सभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर हुए तो आडवाणी की कुण्डली में शनि में बुध के अन्तर में शनि की प्रत्यन्तर दशा चलेगी अर्थात् 25-12-2013 से 30-5-2014 के मध्य। ज्योतिषी गणना क्रम में मेरा दृष्टिकोण योगनी महादशा पर सदैव सार्थक रहा। एक चमत्कार देखिए- श्री आडवाणी के कुण्डली मेें 20-1-2013 से 1-6-2014 तक सिद्धा में सिद्धा की अन्तर्दशा चलेगी। ज्योतिष गं्रथों में लिखा है, सिद्धा महादशा के विषय में यथा नाम तथा गुण: अर्थात् जैसे उसका नाम है- वैसा ही वह फल देती है- अर्थात् कार्य सिद्धि। यदि चुनावी प्रक्रिया में श्री आडवाणी की भूमिका रही तो इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि श्री लालकृ ष्ण आडवाणी ही अगले प्रधानमंत्री के पद की शपथ लें ? कालचक्र की परिधि में राजयोग 1.राजयोग - यदि ग्रह दुर्बल राशि में हो, परन्तु नवांश में उच्च के हो तो राजयोग होता है। (सर्वार्थ चिन्तामणी 9/15) आडवाणी को कुण्डली में सूर्य (तुला) चन्द्र (मेष : रिपुभवन) में विराजमान है, किन्तु नवांश में सूर्य राज्येश तथा चन्द्र भाग्येश अपनी अपनी उच्च राशि में पदस्थ है- अत: शासक के समान प्रभावशाली है, प्रजातंत्र में देश का शासक अर्थात प्रधानमंत्री होता है। 2.Effect of Saturn-( SA 29-13) Saturn in scorpio and is aspected by jupiter one will be endowed with happiness and fortune, be a kings minister and be chief. 3. The Moon's Yogas : (Raj Yoga) (SA 39-5) Even if a single plenet gives as aspect to natal ascendant or Hora ascendant or Ghatika ascendant, the native will be a king. 4. SA 39-15- If yhere are benefics in angles from Kara Kamsha ascendant, He will become a king. वृह्त पाराशरी होरा शास्त्र के अनुसार राजयोग 1. Chapter 36 (11-12) Lordship of kendras and konaas : if there is an exchange between a lord of a Kendra and a Lord of Kona, they cause a Yoga, A person born in such a yoga will become a king and be famous. 2. Chapter 41 (12) Even if a single graha gives a drishti to the natal Lagna or Hora Lagna or Ghatik Lagna. The person will become a king. लालकृष्ण आडवाणी की कुण्डली में बन रहे राज्य योग इस बात का संकेत दे रहे हैं, कि आडवाणी भी भारत के शासनाध्यक्ष के पद पर शपथ ले सकते हैं ? मध्यावधि चुनाव न होने की स्थिति लोकसभा चुनावों के दरम्यान गोचर ग्रहों की स्थितियां ऐसे होंगी अनुकूल - - सूर्य और शनि अपनी अपनी उच्च राशि में भ्रमण करेंगे। दिनांक 24-4-2014 से शुक्र भी अपनी उच्च राशि मीन में प्रवेश करेगा। - यदि प्रकृति अनुकूल रही, तो स्वक्षेत्री और वर्गोत्तम शनि की विंशोत्तरी दशा तथा योगनी में सिद्धा की महादशा और सर्वाष्टक वर्ग के राज्य भवन में 40 बिन्दुओं का चमत्कारिक सुयोग, भाजपा के शिखर पुरूष लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के गठन का संकेत दे रहा है। सारी भव्यताएं : कर्म की संरचना की आधार शिला पर तराशें - ग्रहीय मूल्यांकन करते समय तत्कालीन राजनैतिक परिदृश्यों की भूमिका पर निर्भर रहेगा, लालकृष्ण आडवाणी की ताजपोशी का सुयोग। - लआने वाला समय लोकसभा में कांग्रेस के शक्ति बल को घटाएगा, यह सुनिश्चित है। क्योंकि उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में मात्र 27 सीटें जीतकर शक्तिहीनता का जो परिचय दिया, वह गम्भीर प्रश्न चिन्ह बन कर उभरा है। कांग्रेस, तमिलनाडु, से लेकर आंध्रप्रदेश में तेलंगाना विवाद, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, केरल, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, पशिचम बंगाल, सरीखे बड़े राज्यों में 150 सीटों के भीतर सिमटकर रह जाने की सम्भावना को नकारा नहीं जा सकता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु की सुश्री जे. जयललिता, आंध्रप्रदेश के चन्द्राबाबू नायडू, उड़ीसा के पटनायक का झुकाव कांग्रेेस की अपेक्षा भाजपा की अगुवाई के गठबन्धन को महत्ता दे सकता है। - कांग्रेस की शक्ति की क्षीणता में श्री अन्ना हजारे और योगगुरू रामदेव बाबा की चुनावी परिक्रमा प्रभावी भूमिका निभायेगी। - साथ ही कांग्रेस में कदावर नेताओं की कमी भी कांग्रेस की कमजोरी की द्योतक है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सम्पूर्ण राष्ट्र में श्रीमती सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी को छोड़कर भी राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं अन्य सभी क्षेत्रीय नेता, जो या स्वयं भ्रष्टचार में लिप्त हैं, अथवा जिनका जनाधार भी अपने अपने राज्यों की लक्ष्मण रेखा में कैद होकर रह गए। - भाग्य संकेत देता है कि जातक का राज योग कितना प्रबल है। कर्म की शक्ति और आयु की दीर्घता तथा स्वास्थ्य की सबलता, और राजनैतिक समीकरण लालकृष्ण आडवाणी को शासनाध्यक्ष/राष्ट्राध्यक्ष के सिंहासन पर पदारोहण कर सकता है। - सुविज्ञ देवज्ञों से आग्रह कि ग्रहीय स्थितियों का आंकलन कर अपनी विवेचनात्मक स्थिति से अवगत कराने का अनुरोध स्वीकारें। साथ ही वक्त उद्घाटित करेगा, मेरी ज्योतिषीय आंकलन को। वेगमान अंधड़ भी जिन पत्तों को शाखाओं से अलग नहीं कर पाते, वे ही पत्ते पतझर के हल्के झोकों में, टूट कर गिर जाते हैं। नहीं शक्तियां होती खुद उतनी सशक्त, जितनी उनको बना दिया करता है- वक्त। ----------------------------

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