बुधवार, 27 नवंबर 2013

भविष्यवाणी : भाजपा को 117 से 125 सीटें मिलेंगी




मप्र में सूर्य लगवाएगा भाजपा की हैट्रिक
कांग्रेस को मिलेंगी 85 से 100 सीटें
- राजू स्वर्णकार
भोपाल।
सूर्य के तुला राशि से वृश्चिक राशि में आने से 25 नवंबर को हुए जबरदस्त मतदान की वजह से प्रदेश में पहली बार भारतीय जनता पार्टी हैट्रिक लगाकर एक नया इतिहास रचने जा रही है। 50 वर्षों के इतिहास में कोई भी सरकार मप्र में 10 साल से अधिक कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई लेकिन इस बार यह इतिहास पहली बार लिखा जाएगा। वहीं कांग्रेस में एक जुटता एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कमान सौंपे जाने से इस बार कांग्रेस की सीटें बढ़कर 85 से 100 तक पहुंच जाएंगी।
लालकिताब विशेषज्ञ एवं प्रसिद्ध भविष्य वक्ता पंडित आशीष शुक्ल, इंदौर  ने दावा किया कि चंद्र-मंगल की युति व ग्रहों के राजा सूर्य के तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करने से भारतीय जनता पार्टी को मतदाताओं का सीधा लाभ मिल रहा है। 16 नवंबर को सूर्य के राशि परिवर्तन से भाजपा को 117 से 125 सीटें प्राप्त कर मध्यप्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि 10 साल से वनबास काट रही कांग्रेस पार्टी को भी इस बार 2008 में मिली 71 सीटों की तुलना में 20 से 30 सीटों का फायदा मिलेगा। कांग्रेस को इस बार 90 से 100 सीटें मिलेंगी।
चैतन्य भविष्य जिज्ञासा शोध संस्थान भोपाल के संचालक आचार्य पंडित राज के अनुसार विधानसभा में इस बार कांग्रेस-भाजपा में कांटे के  मुकाबले के तहत भारतीय जनता पार्टी अंतत: सरकार बनाने में कामयाब हो जाएगी। चंद्र-मंगल व सूर्य के शुभ प्रभाव से सत्तादल भाजपा को अच्छा लाभ मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेंन्द्र का कहना है कि यही मतदान अगर 25 नवंबर की तुलना में 15 नवंबर के आसपास होता तो कांग्रेस को 140 से 145 सीटें मिल सकती थीं। क्योंकि तुला राशि का सूर्य सत्तासीन सरकार के लिए लाभदायक नहीं होता। चूंकि सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश होने से इसका लाभ भाजपा सरकार को मिलेगा। भाजपा को इस बार 120 से 125 सीटें मिलेगी जबकि कांग्रेस 85 से 95 सीटों तक सिमट कर रह जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु राजौरिया के अनुसार चंद्र, मंगल व सूर्य के प्रबल योग से सत्तासीन भाजपा सरकार तीसरी बार सरकार बनाकर आम लोगों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं बनाएगी। उन्होंने कहा कि  हालांकि कांग्रेस इस बार विपक्ष की भूमिका आक्रमक रूप में अपनाएगी जिससे नई सरकार को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन अंततोगत्वा सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

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